जाने कौनसा गृह दे सकता है मृत्यु तुल्य कष्ट

indian-astrologer.co.in
INDIAN ASTROLOGER BLOG




सामान्य प्रचलित धारणा के अनुसार जो गृह किसी जातक को मृत्यु या मर्त्य के सामान कष्ट दे उसे मारकेश कहा जाता है !
आप स्वय अपनी कुंडली देखकर जान सकते है की कौन से गृह अपनी दशा में मारकेश का रूप लेंगे !

मेष लगन : मेष लगन में स्थित शुक्र दूसरे ेव सातवे घर का मालिक है , किन्तु फिर भी जातक के जीवन को समाप्त नहीं करेगा ! यह गंभीर व्याधियों को जनम दे सकता है !मेष लगन में शनि दसवे और ग्याहरवे भाव का अधिपति होकर भी अपनी दशा में मृत्यु तुल्ये कष्ट देगा !
वृष :वृष लगन में स्थित मंगल सातवे ेव बाहरवें भाव का मालिक होता है जबकि बुध दूसरे व् पांचवे भाव का अधिपति होता है! वृष लगन में शुक्र , गुरु व् चंद्र मारक गृह होते है !
मिथुन लगन : मिथुन लगन में गुरु व् सूर्य मारक गृह बन जाते है !
कर्क लगन : कर्क लग्न में शनि सातवे भाव का मालिक होकर भी कर्क के लिए कष्टकारी नहीं होता ! सूर्य भी दूसरे भाव का स्वामी होकर जीवन समाप्त नहीं कर सकता लेकिन कर्क लग्न में शुक्र मारकेश होता है !
सिंह लगन : सिंह लगन में स्थित शनि सप्तमाधपति होकर भी मारकेश नहीं होता ! जबकि बुध दूसरे एंव ग्याहरवे भाव का अधिपति होकर जीवन समाप्त करने की क्षमता रखता है !



कन्या : यदि दिव्तीयेष शुक्र , सप्तमाधिपति गृह तथा एकादश भाव का स्वामी हो तो मार्क बनते है पर इन तीनो में कोनसा गृह मृत्यु दे सकता है इसका सूक्ष्म विश्लेषण करना होगा !
तुला : तुला लगन में स्थित दूसरे और सातवे भाव का स्वामी मंगल मारकेश नहीं होता परन्तु कष्टकारी पीड़ा जरूर देता है ! इस लगन में शुक्र और गुरु अगर पीड़ित हो तो मारकेश बन जाते है !
वृश्चिक लगन : यहां स्थित गुरु दूसरे भाव का मालिक होकर भी मारकेश नहीं होता ! यदि बुध निर्बल , अष्टम ,द्वादश या तृतीये भावगत होकर पाप ग्रहो से युक्त हो जाये तो मारकेश का रूप ले लेगा !
धनु :शुक्र निर्बल व् क्रूर ग्रहो के साथ स्थित हो तो वह मारकेश अवशय बनेगा !
मकर लगन : मंगल एंव गुरु यदि पापी या अशुभ स्थिति में हो तो मारकेश का फल देंगे !
कुम्भ लगन : यहाँ स्थित गुरु द्वितीयेश होकर मारकेश है किन्तु शनि द्वादश होकर भी मारकेश नहीं है ! मंगल या चंद्र भी यदि पीड़ित है तो मृत्यु तुल्य कष्ट दे सकते है !



मीन लगन : यहां स्थित मंगल द्वितीयेश होकर भी मारकेश नहीं होता ! मीन लगन में शनि और बुध द्दोनो मारकेश सिद्ध होता है !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *