किस वार को किस रंग का तिलक करे -सात दिवसीय तिलक

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ज्योतिष शास्त्र अनुसार एक सप्ताह के सात दिनों के लिए अलग -अलग तिलक लगाने का विधान है । इसके अनुसार तिलक लगाने से उसदिन का गृह गोचर अनुकूल होकर फलदायी बन जाते है ।
सात दिवसीय तिलक –
सोमवार – यह महादेव शिव शंकर का दिन है । इस दिन के स्वामी चन्द्रमा है । अत: स्वेत चन्दन का तिलक लगाने से मन शांत व् सिथिर रहता है । इस दिन शिव जी को प्रसन्न करने वाले भस्म का तिलक भी लगा सकते है ।
मगलवार – यह संकट मोचन हनुमान जी का दिन है , मगल गृह इस इन का स्वामी है । लाल चन्दन अथवा चमेली के तेल के साथ सिन्दूर मिलकर तिलक लगन शुभ है जो ऊर्जा बनाये रखता है और निराशा दूर करता है ।
बुधवार – माँ भगवती दुर्गा के इस दिन को गणपति गणेश जी का दिन भी मन जाता है । इस दिन के स्वामी बुध गृह है । अत : इस दिन सूखा सिन्दूर लगाने से बौद्धिक क्षमता का विकास होता है ।
बृहस्पतिवार – वीरवार देवगुरु बृहस्पति का दिन है । इस दिन पिले रंग का अथवा पिले श्वेत मिश्रित रंग का तिलक धारण करना चाहिए । चंदब काष्ट को पत्थर पर घिसकर उसमे केसर मिलकर माथे पर लेप करना शुभ दायक है । हल्दी व् गोरोचन का तिलक भी सुख शांति प्रदान करता है ।




शुक्रवार – यह दैत्य, दानव असुर जनो के गुरु ब्रह्मऋषि शुक्रचार्य का एंव शुक्र ग्रह का यह दिन है । इस दिन भगवन विष्णु की सहधर्मिणी लक्ष्मी का दिन भी मानते है । इस दिन लाल चन्दन का तिलक धारण करने से तनाव दूर होता है ,भौतिक सुख सुविधावो में भी वृद्धि होती है । इस दिन सिन्दूर लगाना भी शुभ है ।
शनिवार – यह वस्तुत : यमदेव- यमराज , भैरव ( काल भैरव ) के साथ ही शनि गृह के दिवस भी है । इस दिन के स्वामी भी शनि ग्रह है । इस दिन भस्म का अथवा लाल चन्दन का तिलक लगाना भी शुभकारी है । इस से ये देव प्रसन्न रहते है लाभ पहुंचते है ।
तिलक लगाने की विधि
तिलक लगाने की भी पद्द्ति है । मोक्ष प्राप्ति हेतु तिलक अंगूठे से , शत्रुनाश के लिए तर्जनी से, धन प्राप्ति के लिए मध्यमा से , और शांति प्राप्ति के लिए अनामिका से तिलक लगाने का प्रावधान है ।
अंगूठे से तिलक लगाने से भू-मध्य आज्ञाचक्र की जाग्रति होती है , वह प्रभावित होता है और सर्वदा सकरात्मक सोच तथा विशेष ऊर्जा प्राप्ति के लिए उपयोगी माना जाता है । वैसे नदी तटीय मिटटी का , पुण्य तीर्थ स्थल का, चींटी की बाम्बी तथा तुलसी के मूल (जड़) की मिटटी का भी तिलक उत्तम माना जाता है । तीर्थ स्थल, पूजन, दान कर्म , यज्ञ, होम, पितर, कर्म, जप , कर्म तथा देवी -देवता पूजन में तिलक धारण शुभ है ।



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